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岗位学雷锋 振兴新突破丨市水务局:赓续雷锋精神 推动水利高质量发展_我的网站

绅士的品格

一 |     市水务局深入学习贯彻习近平总书记关于传承和弘扬雷锋精神的系列重要论述和指示精神,以“岗位学雷锋 领航实好干”主题实践活动为抓手,树立“实好干”工作理念,丰富学雷锋活动内涵,创新学雷锋活动载体,传承“忠诚、干净、担当、科学、求实、创新”的新时代水利精神,不断推进全市水利工作高质量发展,为打好打赢攻坚之年攻坚之战提供坚强水利保障。    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही मुंबई शहर का माहौल देखने लायक होता है। ये पूरा शहर और भी ज्यादा भक्ति से भर जाता है। इस मौके पर लाेग अपने घरों में बप्पा के मूर्ति की स्थापना करते हैं। इसी आस्था के बीच एक ऐसा स्थान है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बप्पा का आशीर्वाद पाते हैं। ये जगह है मुंबई का फेमस सिद्धिविनायक मंदिर। ये मंदिर अपने आप में एक खास पहचान रखता है। आइए मंदिर से जुड़ी बातों को जानते हैं विस्तार से -,भगवान गणेश, जिन्हें सिद्धिविनायक भी कहा जाता है, विघ्नहर्ता और सफलता देने वाले माने जाते हैं। नए काम की शुरुआत हो, जीवन में कोई भी कठिनाइयां हों या फिर ज्ञान और बुद्धि की कामना हो, हर भक्त यहां आकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। यहां आकर जो भी सच्चे मन से अपनी कोई भी इच्छा बप्पा के सामने रखता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।,आपको बता दें कि सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में लक्स्मण विठू पाटिल और उनकी पत्नी देउबाई पाटिल ने कराया था। समय के साथ इसमें कई बार बदलाव हुए। आज ये एक भव्य मंदिर के रूप में सामने है। मंदिर की दीवारों, शिखरों और खंभों पर की गई सुंदर नक्काशी इसे और भी दिव्य बना देती है।, Image Credit- Freepik सिद्धिविनायक मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो हम शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की एक अलग ही दुनिया में आ गए हों। यहां भगवान गणेश जी मुख्य देवता के रूप में विराजमान हैं। प्रतिमा के चारों ओर फूलों, मालाओं और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद से सजावट की जाती है। श्री सिद्धिविनायक की मूर्ति एक ही काले पत्थर से बड़ी बारीकी से बनाई गई है। इसकी ऊंचाई करीब ढाई फीट और चौड़ाई दो फीट है।,वहीं गणेश जी की सूंड दाहिनी ओर मुड़ी हुई है, जो बहुत दुर्लभ मानी जाती है। इस प्रतिमा के चार हाथ हैं। ऊपरी दाहिने हाथ में कमल, ऊपरी बाएं हाथ में परशु (कुल्हाड़ी), निचले दाहिने हाथ में जपमाला और निचले बाएं हाथ में मोदक से भरा कटोरा है। ये सभी चीजें शुभता और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती हैं।,प्रतिमा पर एक खास चीज और देखने को मिलती है और वो है एक सर्प पवित्र जनेऊ की तरह बाएं कंधे से दाहिनी ओर पेट तक लिपटा हुआ है। ये मूर्ति की आध्यात्मिकता और आकर्षण को और बढ़ा देता है। इसके अलावा माथे पर तीसरी आंख की तरह एक दिव्य नेत्र बना है। जो महादेव का प्रतीक माना जाता है।, Image Credit- Instagram गणेश जी के दोनों ओर रिद्धि और सिद्धि देवी भी विराजमान हैं, जिन्हें समृद्धि और सफलता की प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस मंदिर को सिद्धिविनायक गणपति मंदिर कहा जाता है। यहां आकर कई भक्तों ने अपने जीवन में चमत्कारिक अनुभव भी शेयर किए हैं। हर दिन मंदिर में मंत्रोच्चारण और अगरबत्ती की खुशबू वातावरण को और भी पावन बना देती है।,

समाजसेवा में योगदान

ये मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि समाज सेवा का केंद्र भी है। यहां से शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और ठहरने जैसी सुविधाएं जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाती हैं।

दर्शन और आरती का समय

मंदिर में रोजाना अलग-अलग समय पर आरती और दर्शन होते हैं। उनके बारे में भी जानें-
  • काकड़ आरती (सुबह की आरती): सुबह 5.30 बजे से 6.00 बजे तक
  • दैनिक दर्शन: सुबह 6.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक और दोपहर 12.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक
  • धूप आरती: शाम 7.00 बजे
  • रात की आरती: 7.30 बजे से 8.00 बजे तक
  • शेज आरती (अंतिम आरती): रात 9.50 बजे
मंगलवार को यहां सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। खास मौकों जैसे विनायक चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, माघी गणेश जयंती और भाद्रपद गणेश चतुर्थी पर तो यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।,सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के प्रभादेवी इलाके में है। आप यहां एऐसे पहुंच सकते हैं-
  • रेल से: दादर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक है, जहां से मंदिर सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर है। आप पैदल जा सकते हैं या टैक्सी/ऑटो ले सकते हैं।
  • बस से: बसें भी दादर और प्रभादेवी के लिए आसानी से मिल जाती हैं।
  • एंट्री गेट: मंदिर में दो गेट हैं सिद्धि गेट (फ्री एंट्री, भीड़ ज्यादा) और रिद्धि गेट (पेड एंट्री, लाइन छोटी)। बड़े-बुजुर्ग लोगों, दिव्यांगजनों, एनआरआई और प्रेग्नेंट महिलाओं या शिशु वाली माताओं के लिए यहां पर खास व्यवस्था है।
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  • https://www.incredibleindia.gov.in/en/maharashtra/mumbai/siddhivinayak-temple
  • https://www.siddhivinayak.org/temple-schedule/
  • https://www.siddhivinayak.org/about-the-temple/
。           市水务局加快推进水利项目建设,努力补齐水利工程短板弱项。今年共开工建设水利项目48项,总投资11.37亿元,其中争取省以上财政资金9亿元。为进一步压茬推进水利项目建设,共谋划储备水利项目97项,总投资53.83亿元。           在防汛方面,市水务局始终坚持以“人民至上、生命至上”为中心,全市连续11年平稳安全度汛。今年汛期,全市上下从责任落实、会商研判、四预措施、隐患排查、转移避险、物资储备等六个方面强化各项防御措施,成功应对13轮强降雨过程,实现了“不死人、少伤人、低损失”的防汛目标。

二 |            此外,市水务局还积极推进河湖长制,构建良好的水生态环境。围绕水资源保护、水域岸线管理保护、水污染防治、水环境治理、水生态修复、执法监管等6项重点任务,构建责任明确、协调有序、监管严格、保护有力的管理保护机制。全市四级1045名河长,前三季度累计开展巡河27028人次,推进解决妨碍行洪及清障、河湖清“四乱”、河道垃圾清理、河道采砂监管、水污染防治等涉河突出问题1210个。

三 | 全市河湖生态得到明显改善,人民群众获得感和幸福感显著提升。           市水务局还坚持把学雷锋活动作为民生水利建设的重要内容,从维护群众的根本利益出发,从群众要求最迫切的突出问题入手,在推动民生水利发展中体现学雷锋的成效。

四 | 为了让群众能够喝上安全水、放心水,积极推进巩固提升、水质改善等农村供水工程建设,不断提高保供水保障水平。

五 | 今年,投资2668万元,新建、改造维修养护农村供水工程90处,改善了6.9万农村居民饮水条件。截至目前,共累计解决64.6万农村居民集中供水问题,全市农村自来水普及率达到95%,超过全省86%的平均水平。           同时,市水务局坚持把学雷锋活动作为党建工作的重要内容,结合“在职党员进社区”、党支部与社区(村)结对共建、驻村帮扶、下派“第一书记”等工作,利用“世界水日”、“中国水周”,积极开展节水用水与防灾减灾知识宣传活动,在政策宣讲、法律维权等方面,力所能及地回应基层群众的关切和需求,不断提升志愿服务的专业化水平,激发学雷锋志愿服务的发展活力和创新活力,进一步形成学雷锋志愿服务人人愿为、时时能为、处处可为的生动局面。           市水务局党组书记、局长刘弋说:“ 全市水务系统深入贯彻落实习近平总书记提出的‘节水优先、空间均衡、系统治理、两手发力’16字治水方针,按照省委省政府、市委市政府的要求,大力弘扬新时代雷锋精神,持续推进“岗位学雷锋 领航实好干”主题实践活动走深走实。

六 | 聚焦全面振兴新突破三年行动目标任务,抓项目争取、抓防汛抗旱、抓河湖长制,服务经济发展、服务民生保障、服务企业园区,进一步拓宽学雷锋活动的深度和广度,牢记全心全意为人民服务的宗旨,积极向上争取政策资金,加强水利工程建设管理,努力实现全市水利高质量发展,为攻坚之年攻坚之战提供坚强的水利保障。”                    责任编辑:刘春阳。

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Published on:06:27:14